लखनऊ। किसान यूनियनों के आह्वाहन पर आज लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन को ज्ञापन सौंपने आ रहे सैकड़ों किसानों को जनपद की सीमाओं पर पुलिस ने बलपूर्वक रोक दिया। लखनऊ की ग्रामीण पुलिस ने किसानों के ट्रैक्टरों को सम्पर्क मार्गो पर ही खड़ा कर दिया। 

तीन कृषि कानूनों को वापस लेने को लेकर किसानों के उग्र प्रदर्शन हुए। किसान यूनियनों की तरफ से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की हुई, जिसके विपरित लखनऊ की ग्रामीण पुलिस ने अपनी तैयारी करते हुए किसानों को सीमा के भीतर ही घुसने नहीं दिया। ग्रामीण क्षेत्र के थानों के निरीक्षक, उपनिरीक्षक, जवानों ने सीमा पर ही बाहर से आ रहे किसानों को रोका, जबकि लखनऊ के किसानों को मुख्य मार्गो पर रोक दिया गया। 


किसानों के प्रदर्शन को लेकर यातायात प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए मार्गो को परिवर्तित किया गया। बाहर से आने वाले मार्गो को ग्रामीण क्षेत्रों से होते हुए भीतर की ओर आने दिया गया। जबकि उन मार्गो से आते हुए किसानों को ट्रैक्टर सहित सम्पर्क मार्ग पर खड़ा कर दिया गया। 


प्रदर्शनरत किसानों की मुख्य मांगों में एमएसपी को कानून बनाने की मांग भी शामिल है। प्रदेश के किसान नेताओं की ओर से दिन में एक बजे राजभवन पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपना तय था। रोके जाने पर भाकियू के मंडल अध्यक्ष हरिनाम वर्मा ने कहा कि अभी तो ये अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है। किसानों का लखनऊ में राजभवन का घेराव का कार्यक्रम रोका जा रहा है, आने वाली 26 जनवरी को हम नई दिल्ली में ट्रैक्टर परेड करेंगे। 


उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन की सभी शाखाओं ने तैयारी कर ली हैं और आंदोलन को राजधानी से देश की राजधानी तक पहुंचायेंगे। पुलिस के दम पर आंदोलन को रोका जा रहा है, किसान अपनी मांगों को मनवाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। 

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