Jaipur । एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 ने हाईवे निर्माण कंपनी से दस लाख रुपये की रिश्वत मांगने की आरोपी निलंबित आरएएस अफसर पिंकी मीना के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। पिंकी मीना वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी पर रिश्वत का गंभीर आरोप है, ऐसे में उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।

पिंकी मीना ने प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसे मामले में फंसाया जा रहा है। उसने कभी भी रिश्वत की मांग नहीं की थी और एसीबी ने उससे कुछ भी बरामद नहीं किया है। इसके अलावा उसकी 16 फरवरी को शादी होने वाली है। उसे जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। जिसका विरोध करते हुए सरकार की ओर से कहा गया कि आरोपी ने दस लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

एसीबी ने सत्यापन के बाद गिरफ्तार किया है। यदि उसे जमानत दी गइ तो वह केस को प्रभावित कर सकती है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद बुधवार को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था गुरूवार को कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि केसीसी बिल्डकॉन कंपनी ने एसीबी में रिपोर्ट दी थी कि उसकी कंपनी दिल्ली से बडोदरा आठ लेन रोड निर्माण कर रही है। सुचारू रोड निर्माण के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग की जरूरत होती है। निर्माण कार्य में रुकावट नहीं डालने की एवज में एसडीएम रिश्वत मांग रही है। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए एसीबी ने बांदीकुई एसडीएम पिंकी मीणा को दस लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में 13 जनवरी को गिरफ्तार किया था।

काटा आवास का विद्युत कनेक्शन

उधर बांदीकुई में ट्रैप होने के आठ दिन बाद निगम के अभियंताओं ने गुरुवार को एसडीएम आवास का विद्युत कनेक्शन काट दिया। दरअसल, एसडीएम आवास पर कई सालों से बिजली का बिल बकाया चल रहा था, लेकिन निगम के अधिकारी कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। नोटिस देकर महज खानापूर्ति की जा रही थी। जबकि एसडीएम आवास का बिल दो साल से बकाया चल रहा था और अब तक करीब 1 लाख 25 हजार का बकाया बिल हो चुका था।

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